एक मुसलमान होने के नाते कुछ बुनियादी बातें और इल्म हर व्यक्ति को ज़रूर पता होना चाहिए, ताकि वह सही तरीके से इस्लाम पर अमल कर सके। नीचे एक आसान और समझने योग्य बेसिक इस्लामी नॉलेज की डिटेल लिस्ट दी जा रही है।
- ईमान की बुनियादी बातें (अर्कान-ए-ईमान)
हर मुसलमान को इन 6 चीज़ों पर यक़ीन होना चाहिए:
अल्लाह पर ईमान
– अल्लाह एक है, उसका कोई साझी नहीं।
फ़रिश्तों पर ईमान
– अल्लाह के बनाए हुए नूरानी बंदे।
अल्लाह की किताबों पर ईमान
– कुरआन, तौरात, ज़बूर, इंजील आदि।
नबियों और रसूलों पर ईमान
– आदम (अ.स.) से लेकर मुहम्मद ﷺ तक।
क़यामत के दिन पर ईमान
– मौत के बाद हिसाब-किताब होगा।
तक़दीर (अच्छी-बुरी) पर ईमान
– सब कुछ अल्लाह के इल्म और इरादे से होता है। - इस्लाम के पाँच स्तंभ (अर्कान-ए-इस्लाम)
कलिमा (शहादत)
– “ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुर रसूलुल्लाह”
नमाज़ (सलात)
– रोज़ाना 5 वक्त की नमाज़।
रोज़ा (सौम)
– रमज़ान के महीने में रोज़ा रखना।
ज़कात
– माल का एक हिस्सा गरीबों को देना।
हज
– अगर ताक़त और पैसा हो तो ज़िंदगी में एक बार मक्का का हज करना। - रोज़मर्रा की जरूरी इबादतें और दुआएँ
हर मुसलमान को ये बातें याद होनी चाहिए:
जरूरी दुआएँ
खाने से पहले और बाद की दुआ
सोने और उठने की दुआ
घर में आने-जाने की दुआ
बाथरूम में जाने और निकलने की दुआ
सफर की दुआ
नमाज़ से जुड़ी चीज़ें
वुज़ू का सही तरीका
ग़ुस्ल का तरीका
नमाज़ के अरकान (फर्ज, वाजिब, सुन्नत)
नमाज़ की बुनियादी सूरहें:
सूरह फातिहा
सूरह इख़लास
सूरह फ़लक
सूरह नास - हलाल और हराम की बुनियादी जानकारी
हर मुसलमान को पता होना चाहिए:
हलाल चीज़ें
हलाल कमाई
सच बोलना
माता-पिता की इज्जत
जरूरतमंद की मदद
हराम चीज़ें
झूठ बोलना
चोरी
सूद (ब्याज)
शराब और नशा
ज़िना (अवैध संबंध)
गाली-गलौज - इस्लामी अख़लाक (चरित्र और आदतें)
अच्छे मुसलमान की पहचान:
सच बोलना
वादा पूरा करना
दूसरों की मदद करना
गुस्सा कंट्रोल करना
पड़ोसियों का ख्याल रखना
बड़ों की इज्जत और छोटों से प्यार - नबी ﷺ की सुन्नतें (रोज़मर्रा की आदतें)
दाएं हाथ से खाना और पीना
सलाम करना
मुस्कुराकर मिलना
साफ-सफाई का ध्यान रखना
जल्दी सोना और जल्दी उठना - कुरआन और सीरत का बेसिक ज्ञान
हर मुसलमान को:
कुरआन पढ़ना या सुनना चाहिए
नबी मुहम्मद ﷺ की ज़िंदगी (सीरत) के बारे में जानना चाहिए
सहाबा की ज़िंदगी से सीख लेना चाहिए - तौबा और इस्तिग़फार की अहमियत
गुनाह होने पर तुरंत तौबा करना
रोज़ाना “अस्तग़फिरुल्लाह” पढ़ना
अल्लाह से माफी मांगना - मुस्लिम की पहचान वाली बातें
सलाम करना: “अस्सलामु अलैकुम”
जवाब देना: “वअलैकुम अस्सलाम”
हर काम अल्लाह के नाम से शुरू करना: “बिस्मिल्लाह”
अच्छी बात पर कहना: “अल्हम्दुलिल्लाह”
भविष्य की बात पर कहना: “इंशाअल्लाह”
Leave a Reply